
देहरादून: साइबर ठगों ने 85 वर्षीय बुजुर्ग को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये की ठगी की. दूसरे मामले में साइबर ठगों ने हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में कार्यरत इंजीनियर को निवेश का झांसा देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी की गई है. साथ ही तीसरे मामले में एक युवती ने टिहरी के एक व्यापारी से लाखों रुपये की ठगी कर डाली. युवती ने 14 दिन व्यापारी से बातचीत की और उसके बाद निवेश का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया. तीनों मामलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.
युवती की दोस्ती युवक को पड़ी भारी: टिहरी निवासी युवक ने शिकायत दर्ज कराई है कि 22 अक्टूबर को उसे एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, इसके बाद पीड़ित ने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत शुरू हो गई. 23 अक्टूबर को युवती ने उनसे मोबाइल नंबर मांगा और कहा कि वह व्हाट्सएप पर बातचीत करेंगे. 23 अक्टूबर को युवती ने पीड़ित को मैसेज किया और उसके बाद 6 नवंबर तक दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत होती रही.निवेश के नाम पर युवक से ठगी: 6 नवंबर को युवती ने पीड़ित को ट्रेडिंग के बारे में बताया और एक लिंक भेज कर रजिस्ट्रेशन करने को कहा. 6 नवंबर को ही वेबसाइट से खाता नंबर भेजा जो कि हर्ष यादव के नाम पर था. 6 नवंबर से उसे ट्रेडिंग करवानी शुरू कर दी और 50 हजार रुपए जमा करने पर उनका मुनाफा वॉलेट पर भेज दिया. साइबर ठगों 30 दिसंबर तक 99 लाख 21 हजार रुपए अलग-अलग खाते में जमा करवाए.जब पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो उनसे और रकम जमा करने को कहा गया. उसके बाद युवती ने पीड़ित को अनफ्रेंड करते हुए संपर्क बंद कर दिया और तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ. दूसरा मामला भी साइबर ठगी का: वहीं दूसरे मामले में शांतिकुंज हरिद्वार निवासी आदित्य कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है कि 16 सितंबर को उन्हें विक्रम सिंह नाम व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल पर खुद को नाका सॉल्यूशन कंपनी का को-पार्टनर बताया और निवेश का झांसा देकर पहले उनसे छोटे-छोटे टास्क करवाए,जिसमें पीड़ित को 200 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ.उसके बाद पीड़ित से ट्रेनिंग करवा कर एक करोड़ 66 लाख रुपए का लाभ होना दिखाया गया. जब पीड़ित ने अपने मुनाफे की रकम निकालनी चाही तो साइबर ठगों ने अलग-अलग फीस जमा करने के नाम पर रुपए जमा करने के लिए कहा गया, जिसके बाद पीड़ित ने रकम निकालने के लिए 4 लाख 89 हजार रुपए बैंक ट्रांजेक्शन फीस जमा कराई. साइबर ठगों ने पीड़ित को झांसे से में लेकर 90.78 लाख रुपये जमा कराए और बाद में साइबर ठगों ने संपर्क करना बंद कर दिया.









