IndiGo संकट में DGCA का बड़ा कदम, पायलटों को आराम देने से जुड़ा प्रावधान वापस लिया

IndiGo संकट में DGCA का बड़ा कदम, पायलटों को आराम देने से जुड़ा प्रावधान वापस लिया

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo फिलहाल अपने सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट का सामना कर रही है. स्टाफ संकट के कारण हजारों यात्री फंसे हुए हैं और एक ही दिन में 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. इस स्थिति के बीच DGCA ने पायलट ड्यूटी नियमों में राहत देते हुए पुराने निर्देश तुरंत प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की है. DGCA का आदेश और राहत का कारणDGCA ने कहा कि पहले का आदेश “साप्ताहिक आराम के बदले कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती” अब प्रभावहीन कर दिया गया है. नियामक ने बताया कि यह कदम एयरलाइनों से प्राप्त शिकायतों और संचालन में निरंतरता एवं स्थिरता बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. DGCA का यह आदेश एयरलाइनों को संचालन सामान्य करने और उड़ानों को जल्दी पटरी पर लाने में मदद करेगा. नवंबर में IndiGo ने अपने नेटवर्क में कुल 1,232 उड़ानें रद्द की थीं. सरकार ने कहा कि वह एयरलाइन के ऑपरेशनल सुधार और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर लगातार नजर रखे हुए है. सरकार और मंत्री का हस्तक्षेप नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने IndiGo के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. मंत्री ने एयरलाइन की तैयारियों और संकट प्रबंधन पर असंतोष जताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्याप्त समय उपलब्ध होने के बावजूद एयरलाइन ने हालात संभालने में उचित कदम नहीं उठाए.

यात्रियों की सुविधा और ऑपरेशन बहाली के निर्देश

मंत्री नायडू ने IndiGo को निर्देश दिए कि

 

उड़ानों के संचालन को तुरंत सामान्य करें.

मौजूदा संकट के कारण एयरफेयर न बढ़ाया जाए.

संभावित उड़ान रद्द होने की जानकारी यात्रियों को पहले से दी जाए.

आवश्यक होटलों और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों की असुविधा कम हो.

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