
बागेश्वर । जिले के ऊंचाई वाले गांवों की पहाड़ियों में हुए हिमपात के बाद पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। हिमपात के बाद रात में मौसम साफ रहने से जिले में जमकर पाला गिरा, जिससे सुबह तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। घाटी वाले क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और अधिक बढ़ गई।हिमालयी गांवों में हालात ज्यादा गंभीर हैं। कई स्थानों पर नलों में पानी जमने लगा है, जिससे पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। वहीं, पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पाले और नमी के कारण सूखी घास भीगने से मवेशियों के चारे की समस्या शुरू हो गई है, जिससे पशुपालक चिंतित नजर आ रहे हैं।
मौसम में अचानक आई ठंड से बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में शीतलहर को लेकर प्रशासन सतर्क है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से सुबह और देर रात घर से बाहर न निकलने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। साथ ही पेयजल और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखी जा रही है। कहा कि सभी तहसीलों में अलाव की व्यवस्था की गई है।









