
देहरादून: उत्तराखंड के कोटद्वार में गणतंत्र दिवस के दिन मुस्लिम व्यापारी की दुकान पर ‘बाबा’ नाम को लेकर जमकर हंगामा मचाया गया था। उसके खिलाफ एक युवक खड़ा हो गया। अब वह सोशल मीडिया स्टार बन गया है। दरअसल, दीपक कुमार, जिन्होंने वायरल वीडियो में खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। वीडियो में वह गणतंत्र दिवस पर कोटद्वार में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को उसकी दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द इस्तेमाल करने पर परेशान कर रहे बजरंग दल के सदस्यों का सामना करते दिख रहे थे। उन्होंने अब कहा है कि उन्हें दखल देने के नतीजों का कोई डर नहीं है। वह ‘जब भी जरूरत होगी’ ऐसा फिर से करेंगे। घटना के बाद से एक सप्ताह में दीपक कुमार की ऑनलाइन लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है। 26 जनवरी से पहले उनके फेसबुक पर करीब 1,500 फॉलोअर्स थे। सोमवार तक यह संख्या बढ़कर 4.3 लाख से ज्यादा हो गई थी। इंस्टाग्राम पर, उनके फॉलोअर्स की संख्या एक हफ्ते पहले करीब 1,000 से बढ़कर सोमवार शाम तक 5 लाख से ज्यादा हो गई। बाहरी लोगों से दिक्कत की बात
दीपक कुमार ने सोमवार को कहा कि असली परेशानी कोटद्वार के लोगों से नहीं, बाहरी लोगों से हुई है। दरअसल, दीपक और उनके दोस्त विजय रावत पर मारपीट और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया है। दीपक कुमार ने कहा कि 31 जनवरी को कुछ बाहरी लोग शहर में आए, उनके जिम के बाहर जमा हो गए। इन लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उनके परिवार के सामने सांप्रदायिक नारे लगाए। कोटद्वार के बाजार में 26 जनवरी को टकराव जैसी स्थिति बनी थी। दीपक के दखल के बाद दुकान का नाम बाबा रखे जाने को लेकर शुरू हुआ टकराव खत्म होता दिख रहा था। इसी दौरान वीडियो बनाया गया, जिसमें वह बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के एक समूह और परेशान दुकानदार के बीच खड़े दिख रहे थे। यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गया विवाद इसके बाद बढ़ना शुरू हुआ। 31 जनवरी को बजरंग दल के 30 से 40 सदस्य देहरादून और ऋषिकेश से कोटद्वार आए। दीपक के घर और काम की जगह के बाहर प्रदर्शन किया। इन लोगों ने नारे लगाए और वीडियो बनाए। दीपक ने इस मामले में कहा है कि 26 जनवरी को जो हुआ, उसके बाद बजरंग दल के बड़ी संख्या में सदस्य मेरे जिम और घर के पास जमा हो गए। वे मेरे खिलाफ जोर-जोर से नारे लगाने लगे, लेकिन मैं उनके सामने नहीं झुका। मैं नफरत के आगे नहीं झुकूंगा और जब भी जरूरत होगी, इंसानियत के लिए खड़ा रहूंगा।










