उत्तराखंड में साइबर ठगों का मकड़जाल, ऑनलाइन ठगी से पांच को किया कंगाल

उत्तराखंड में साइबर ठगों का मकड़जाल, ऑनलाइन ठगी से पांच को किया कंगाल

साइबर ठगों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। आनलाइन माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर खाते खाली किए जा रहे हैं। ठगों ने पांच लोगों को ठगी का शिकार बनाते हुए उनसे 75.69 लाख रुपये की ठगी कर दी। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सहित अन्य थानों में मुकदमे दर्ज किए हैँ। बहादराबाद रुड़की निवासी प्रदीप कुमार से साइबर ठगों ने 52.50 लाख रुपये की साइबर ठगी कर दी। पीड़ित ने बताया कि 23 अक्टूबर को आइआइएफएल वैल्थ ग्रुप ग्रुप के एडमिन राघव गुप्ता ने उनसे संपर्क किया और शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने के लिए यतिन शाह से संपर्क करने के लिए कहा। यतिन शाह ने रजिस्ट्रेशन के लिए एक लिंक भेजा और रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा। 28 अक्टूबर को उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्ट्रेशन किया। तीन व सात नवंबर को उन्हें कुछ धनराशि जमा करने के लिए, जिसके बाद उन्होंने 1.10 लाख रुपये की रकम जमा कर दी। 10 नवंबर को साइन टूल्स कंपनी के कुछ शेयर्स खरीदने को कहा।12 नवंबर को एक अन्य कंपनी के शेयर खरीदने के लिए कहा गया। उनके खाते में फंड न होने के बावजूद भी उन्हें 2.18 लाख रुपये के शेयर अलाट कर दिए।

पीड़ित ने बताया कि 14 नवंबर को उन्होंने कुछ धनराशि का प्रबंध कर 50 हजार रुपये जमा किए। अकाउंट नेगेटिव में था, इसके बावजूद 17 नवंबर को एक कंपनी के शेयर और अलाट कर दिए। शेयर की वैल्यू 6.99 लाख रुपये थी। ठग उनसे शेयर अलाट करते रहे ओर 17 नवंबर को 7.57 लाख रुपये जमा करने को कहा। 19 नवंबर को उन्होंने उधार लेकर आठ लाख रुपये जमा किए।

 

इसके बाद 20 नवंबर को सुदीप फार्मा के शेयर्स के आवेदन करने के लिए कहा गया जिसे उन्होंने आवेदन कर लिया। 25 नवंबर तक उनके खाते में मूल धनराशि 9.60 लाख रुपये थी। इसके बावजूद सुदीप फार्मा के 49.26 लाख रुपये के शेयर आवेदन कर दिए, जिसके चलते उनका अकाउंट एक बार फिर माइनस में चला गया। इसके बाद ठगों ने उन पर रकम जमा करने का दबाव बनाया और उनसे कुल 52.50 लाख रुपए जमा करवाने के बाद संपर्क करना बंद कर दिया। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है।जीवित प्रमाणपत्र बनाने का झांसा देकर ठगे 10 लाख रुपये साइबर ठगों ने पीएनबी के कर्मचारी से जीवित प्रमाण पत्र बनाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठग दिए। शीशपाल सिंह निवासी गांधी ग्राम ने बताया कि वह पीएनबी से सेवानिवृत्त हैं। 23 नवंबर को उन्हें एक अज्ञात ने फोन कर खुद को पीएनबी अधिकारी बताया। आरोपित ने कहा कि आपका जीवित प्रमाण पत्र बनना है। आपसे कुछ डिटेल लेनी है जिसकी जानकारी तत्काल बतानी है।

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