
उत्तराखंड के बहुचर्चित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को मिलते ही कार्रवाई में तेजी आ गई है. जांच एजेंसी ने तमाम सबूत इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं. इस पूरे मामले में 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. बीते 21 सितंबर 2025 के पेपर लीक मामले में जल्द सीबीआई कुछ लोगों से पूछताछ कर सकती है.
उत्तराखंड के यूकेएसएसएससी स्नातक-स्तरीय परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक की गड़बड़ी के बाद सीबीआई ने 28 अक्टूबर 2025 को जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हैंडओवर लिया. सीबीआई ने अभी तक इस मामले में सबसे पहले देहरादून की एंटी करप्शन शाखा में एफआईआर दर्ज की है. जिसमें चार आरोपी खालिद, सुमन, सबिया, और हीना के नाम शामिल हैं.
हालांकि, एफआईआर में अन्य अज्ञातों का जिक्र किया गया है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि मामला अन्य लोगों से जुड़ा हो सकता है. इसके साथ ही उत्तराखंड पुलिस और प्रदेश की एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और अन्य सबूत अब सीबीआई को सौंप दिए गए हैं. जांच यूकेएसएसएससी परीक्षा के लिए बनाए गए उत्तराखंड प्रतिस्पर्धी परीक्षा (अन्यायपूर्ण तरीकों को नियंत्रित करने) एक्ट, 2023 के तहत कर रही है. आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
जांच में सामने आए तथ्य: एसआईटी की शुरुआती जांच में पाया गया है कि मुख्य आरोपी खालिद ने मोबाइल फोन के जरिए परीक्षा केंद्र में परीक्षा पन्नों की तस्वीरें लीं. पूछताछ में उसने कबूल किया कि, उसने परीक्षा केंद्र की रेकी की थी. परीक्षा से पहले उसने दो बार परीक्षा केंद्र का जायजा लिया और एक अधूरा भवन चुना, जहां उसने मोबाइल फोन छिपाया था. फिर उसने उन पन्नों की तस्वीरें, अपनी बहन सबिया को भेजीं, जो आगे उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भेजी थी, ताकि वह उत्तर तैयार कर सके.









