
देहरादून में वकीलों की बढ़ती संख्या और न्यायिक सुविधाओं की कमी ने उन्हें सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है. नए जिला कोर्ट बनने के बावजूद पुराने चैंबर हटाए जा रहे हैं और सरकार रैन बसेरा बनाने की तैयारी कर रही है. वकील अब अपनी मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. लंबे समय से न्यायिक पेशे में लगे वकील अब अपनी सुविधा और कार्यस्थल की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वे नए चैंबर बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार पुराने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जगह रैन बसेरा बनाने की तैयारी कर रही है. सीएम और डीएम के आश्वासन के बावजूद वकील लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रत्येक दिन हड़ताल का समय आधा घंटा बढ़ा रहे हैं. बार एसोसिएशन ने रोजाना हड़ताल का समय बढ़ाकर आधा घंटा कर दिया है ताकि प्रदर्शन और दबाव दोनों बढ़ सकें. पुराने चैंबर हटाने का विरोध और नए चैंबर की जरूरत
देहरादून के अधिवक्ता आर.एस. नेगी ने बताया कि पहले लगभग 65 बीघा जमीन पर चैंबर बने हुए थे, लेकिन अब उन्हें खाली करवाया जा रहा है. हमारे पास लगभग 4,000 वकील, 4-5 हजार मुंशी और रोजाना 25-30 हजार लोग कोर्ट परिसर में आते हैं. पर्याप्त जगह न होने के कारण न्यायिक प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है.एडवोकेट प्रमिला राठौड़ ने कहा कि वह पिछले 35 सालों से देहरादून में वकालत कर रही हैं. नया कोर्ट बनने के बाद नई उम्मीदें जगी हैं, लेकिन चैंबर अब तक नहीं बने. अधिवक्ताओं का परिवार बढ़ रहा है, इसलिए हमें चैंबर की जरूरत है.








